
CHAPTER 23
यथार्थ ने बेहद धीमे से अपनी आँखें खोली। उसने अपनी नजरे चारों तरफ घुमाई। वो कोई अजीब सी बदबूदार जगह लग रही थी। वो बड़ा सा कमरा काफी सारी चीजों से भरा पड़ा था।

CHAPTER 23
यथार्थ ने बेहद धीमे से अपनी आँखें खोली। उसने अपनी नजरे चारों तरफ घुमाई। वो कोई अजीब सी बदबूदार जगह लग रही थी। वो बड़ा सा कमरा काफी सारी चीजों से भरा पड़ा था।
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